अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक के अनुसार इस कोरोना संकट के दौर में भी भारत के पास सप्लाई-चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने का अवसर है लेकिन उसे टैरिफ कम करना होगा और विदेशी कंपनियों के लिए अधिक स्वागत योग्य नीतियों को अपनाना होगा।