भारत के बाद अब चीन ने भी अमेरिकी मध्यस्थता के पेशकश को ठुकरा दिया है। जहां तक भारत की बात है, तो वह नहीं चाहता कि इस मामले पर नरमी दिखा कर वह चीन के साथ मोर्चे पर खुद के कमजोर होने का संदेश दे।