दिग्गज दलित नेता रहे रामविलास पासवान के निधन के बाद राजनीतिक हल्कों में यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान संभावित सहानुभूति के सहारे पिता की विरासत संभाल पाएंगे