सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अश्लीलता, अफवाह और बच्चों पर दुष्प्रभाव डालने वाली सामग्री फैलाने का माध्यम बनते जा रहे हैं। पिछले साल तीन फरवरी को राज्यसभा की तदर्थ समिति ने एक रिपोर्ट में यह बात कही थी।