ओमिक्रॉन स्वरूप के कारण दुनियाभर में जारी कोरोना महामारी की ताजा लहर में एक बार फिर अमीर देशों ने गरीब मुल्कों का हक मारकर सिर्फ अपनी स्वार्थपूर्ति की है।