आज का शब्द: धड़ और माखनलाल चतुर्वेदी की कविता- ओ पूरब के प्रलयी पंथी, ओ जग के सेनानी आज का शब्द: धड़ और माखनलाल चतुर्वेदी की कविता- मुक्त गगन है, मुक्त पवन है