देश के लिए मात्र 13 वर्ष की उम्र में दिया सर्वोच्च बलिदान, रामचंद्र विद्यार्थी जी को किया याद
हरियाणा में रामचंद्र विद्यार्थी जी की प्रतिमा लगाने की मांग, संतोष बीरेंद्र जालंधरा ने उठाई आवाज
“रामचंद्र विद्यार्थी जी के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता” : हिमांशु जालंधरा
भिवानी, 14 अगस्त। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद एवं सबसे कम उम्र के शहीदों में शामिल रामचंद्र विद्यार्थी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आज लोहड़ बाजार स्थित राष्ट्रवादी परिवर्तन पार्टी के राज्य कार्यालय में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके अदम्य साहस, देशभक्ति और बलिदान को याद किया।
इस अवसर पर राष्ट्रवादी परिवर्तन पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव संतोष बीरेंद्र जालंधरा ने रामचंद्र विद्यार्थी जी के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 अगस्त 1942 का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि रामचंद्र विद्यार्थी जी ने बेहद कम उम्र केवल 13 वर्ष में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने बताया कि 14 अगस्त 1942 को देवेरिया कलेक्ट्रेट अधिकारी के भवन से अंग्रेजों का झंडा उतारकर भारतीय तिरंगा फहराने का साहसिक कार्य रामचंद्र विद्यार्थी जी ने किया था। उनका यह साहसिक कदम देश की आजादी के संघर्ष में उनके अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बन गया।
-हरियाणा में रामचंद्र विद्यार्थी जी की प्रतिमा स्थापित करने की मांग
संतोष बीरेंद्र जालंधरा ने मांग की कि हरियाणा विधानसभा परिसर, किसी बड़ी यूनिवर्सिटी तथा प्रदेश के सभी जिलों और तहसीलों में एक-एक प्रमुख चौक का नाम रामचंद्र विद्यार्थी जी के नाम पर रखा जाए और वहां उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी जी की प्रतिमाएं स्थापित होने से आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन, संघर्ष और बलिदान के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर करने वाले ऐसे वीर सपूतों को उचित सम्मान मिलना चाहिए और उनकी वीरगाथा को इतिहास के पन्नों से निकलकर जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रामचंद्र विद्यार्थी जी का बलिदान पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उनके जीवन से युवा पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, साहस, त्याग और देश के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है।
-“रामचंद्र विद्यार्थी जी के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता” — हिमांशु जालंधरा
इस अवसर पर राष्ट्रवादी परिवर्तन पार्टी के राष्ट्रीय युवा नेता हिमांशु जालंधरा ने कहा कि रामचंद्र विद्यार्थी जी के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों के जीवन से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए तथा उनके इतिहास और योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर राष्ट्रवादी परिवर्तन पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव संतोष बीरेंद्र जालंधरा, कौशल्या देवी, रेनू बाला, मोनिका वर्मा, ज्योति प्रजापति, सुनीता देवी, सोना देवी, कविता देवी, राष्ट्रीय युवा नेता हिमांशु जालंधरा, विशाल प्रजापति, लक्की हरियाणा, लक्ष्य जालंधरा, दीपक कुमार प्रजापति, आकाश प्रजापति सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी उपस्थित लोगों ने अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को सदैव याद रखने तथा उनकी वीरगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
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