काेराेना महामारी में ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर समाज को इस महामारी से बचाने के कार्य में जुटे हैं। लेकिन उन्हें न ताे समय पर वेतन मिलता है और न ही उचित सुरक्षा के उपकरण। इसके अलावा काम-समान वेतन व सरकार के साथ सहमति बनने के बाद भी 4 हजार रुपये जोखिम भत्ता और 50 लाख बीमा देने को सरकार तैयार नहीं है। यूनियन के प्रधान सोहन लाल भारुखेड़ा, सोनू कुमार, सेमा सिंह, सुखदेव सिंह, बलदेव सिंह व अन्य ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को इस महामारी के दौरान मास्क, दस्ताने, सेनेटाइजर, जूते, जैकिट सहित तमाम सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभी सफाई कर्मचारियों को एक समान रूप से 50 लाख बीमा कवरेज मिले। कर्मचारियों का पीएफ काटकर बोर्ड के पास जमा करवाया जाए और अप्रैल का वेतन तुरन्त दिया जाए तथा बकाया एरियर व वर्दी भत्ता का भुगतान किया जाए। शहरी सफाई कर्मियों की तर्ज पर साबुन और सरसों तेल दिया जाए। उन्होंने कहा कि मई माह के 15 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक अप्रैल माह का वेतन बकाया पड़ा है। बकाया वेतन को लेकर जब कर्मचारी बात करते हैं तो अधिकारी चंडीगढ़ वित्त विभाग से मंजूरी ना मिलने की बात कहकर टाल देते है। पूरे हरियाणा में वर्दी भत्ता बकाया पड़ा है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/haryana/hisar/fatehabad/news/rural-sanitation-workers-angry-with-the-government-will-start-their-agitation-across-the-state-from-16-citu-127302970.html
0 टिप्पणियाँ