अमरीकी कंपनी गिलीएड की रेमडेसिविर कोरोना मरीज की जान बचाने में ज्यादा सक्षम नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने क्लीनिकल परीक्षण में पाया कि इस दवा से कोविड-19 मरीज के अस्पताल में रहने की अवधि और जीने की संभावना बहुत कम और ना के बराबर है।